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छत्तीसगढ़ में युवाओं को आर्थिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राज्य की विष्णु देव साय सरकार ने रोजगार, कौशल विकास और उच्च शिक्षा के मोर्चे पर बड़ा अभियान छेड़ दिया है। युवाओं को सीधे सरकारी नौकरियों से जोड़ने के लिए विभिन्न विभागों में करीब 9 हजार रिक्त पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी गई है, जबकि क्लास-3 और क्लास-4 के पदों पर समयबद्ध और निष्पक्ष चयन सुनिश्चित करने के लिए नए 'छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल' का गठन किया गया है।
युवाओं के हुनर को बाजार और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तराशने के लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 26 जिलों में 29 करोड़ रुपये खर्च कर 18,330 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, वहीं 75 करोड़ रुपये के अतिरिक्त प्रावधान के साथ आगामी समय में 35 हजार और युवाओं को ट्रेनिंग देने की रूपरेखा तैयार की गई है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को आर्थिक तंगी से बचाने के लिए सरकार ने 33 करोड़ रुपये के बजट के साथ 'CG-ACE' पहल शुरू की है, जिसके जरिए NEET, JEE, CLAT, UPSC, CGPSC, बैंकिंग और रेलवे जैसी राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय परीक्षाओं के लिए युवाओं को पूरी तरह मुफ्त कोचिंग मुहैया कराई जा रही है। वहीं उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में रिकॉर्ड 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे 1,822.75 करोड़ रुपये तक पहुंचाया गया है।
इसके तहत जशपुर, रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार और रायगढ़ के सरकारी कॉलेजों को 'उत्कृष्टता केंद्र' (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) बनाया जा रहा है, जबकि आईआईटी की तर्ज पर कवर्धा, जशपुर, रायगढ़ और जगदलपुर में 'छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' (CGIT) स्थापित किए गए हैं, जिनका विस्तार जल्द ही रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभागों में भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, युवाओं को पारदर्शी व्यवस्था, आधुनिक शिक्षा और बेहतर अवसर देकर 'विकसित भारत' की तर्ज पर 'विकसित छत्तीसगढ़' की मजबूत नींव रखी जा रही है।
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